ग़ज़ल
बस कर जी हुण बस कर जी
بس کر جی ہن بس کر جی
ये ग़ज़ल एक प्रेमी की दर्द भरी पुकार है, जो अपने प्रियतम से बार-बार अपनी पीड़ा को कम करने की गुहार लगा रहा है। वह शिकायत करता है कि प्रियतम न केवल उसके दिल में बसता है, बल्कि उसे मीठी यादों और झूठे वादों से भी तड़पाता है। कवि कहता है कि यह तड़प असहनीय हो गई है और वह इस भावनात्मक यातना से मुक्ति चाहता है।
गीत सुनें
1
بس کر جی ہن بس کر جی
اک بات اساں نال ہس کر جی
बस कर जी हुण बस कर जी
इक बात असां नाल हस्स कर जी
बस कर जी, अब बस कर जी। एक बात आसान नाल हंस कर जी। (अर्थात: अब बस करो, बस करो। एक बात आसानी से हंसकर करो।)
2
تسی دل وچ میرے وسدے او
ایویں ساتھوں دُور کیوں نسدے او
نالے گھت جادو دل خسدے او
بس کر جی ہن بس کر جی
तुसीं दिल विच मेरे वसदे ओ
एवें साथों दूर क्यों नसदे ओ
नाले घत्त जादू दिल खसदे ओ
बस कर जी हुण बस कर जी
आप मेरे दिल में रहते हो, फिर भी आप मुझसे इतने दूर क्यों रहते हो? मेरे जादुई, प्यारे दिल, बस कर जी, बस कर जी।
3
تسی موئیاں نوں مار مکاندے سے
نٹھ کھڈوں وانگ کتھاندے سے
گل کردیاں دا گلا گھٹدے سے
ہن تیر لگایا کس کر جی
بس کر جی ہن بس کر جی
तुसीं मोइआं नूं मार मुकांदे से
नठ खड्डों वांग कुथांदे से
गल करदिआं दा गला घुटदे से
हुण तीर लगाया कस कर जी
बस कर जी हुण बस कर जी
आप मुझे अपने चेहरे से नहीं मारते, न ही अपने हाव-भाव से मुझे डराते। आपने एक फँसे हुए दिल से बात की, अब आपने तीर चला दिया, मैं क्या करूँ? बस करो, बस अब करो।
4
تسی چھپدے او اساں پکڑے او
اساں نال زلف دے جکڑے او
تسی اجے چھپن توں تکڑے او
ہن جان نہ ملدا نس کر جی
بس کر جی ہن بس کر جی
तुसीं छुपदे ओ असां पकड़े ओ
असां नाल ज़ुल्फ़ दे जकड़े ओ
तुसीं अजे छुपण तों तकड़े ओ
हुण जाण न मिलदा नस कर जी
बस कर जी हुण बस कर जी
तुम छुपकर आसान पकड़ते थे, और हमारे साथ ज़ुल्फ़ें झुलाते थे। तुम छुपकर इतना आसानी से घूमते थे, पर अब जान नहीं मिलता और दिल टूटता है। बस कर जी, अब बस कर जी।
5
بلھے شاہ میں تیری بَردی آں
تیرا مکھ ویکھن نوں مردی آں
نت سَو سَو منتاں کردی آں
ہن بیٹھ ہجر وچ دھس کر جی
بس کر جی ہن بس کر جی
बुल्ले शाह मैं तेरी बरदी आं
तेरा मुख वेखण नूं मरदी आं
नित सौ सौ मिंतां करदी आं
हुण बैठ हिज्र विच धस कर जी
बस कर जी हुण बस कर जी
बुल्ले शाह, मैं तुम्हारे वस्त्र नहीं सह सकता, तुम्हारे मुख को देखकर मैं जी नहीं सकता। लगातार याद करना और सोचना, मैंने बहुत किया है; अब बस इस बिछोह में बैठे रहो। बस करो, बस करो।
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