“Awaken from heedlessness, stay not oblivious, O heart; for in my sight, this worldly realm is nothing but exile.”
ऐ दिल, तू लापरवाही छोड़कर सतर्क हो जा और बेपरवाह मत रह, क्योंकि मेरी नज़र में यह जगह (दुनिया) तो केवल परदेस यानी वतन से दूरी है।
शायर अपने ही दिल को ग़फ़लत से जगाते हुए समझाता है कि इस दुनिया के धोखे में मत पड़ो। हमारी रूह के लिए यह फ़ानी जहां असल घर नहीं, बल्कि एक परदेस यानी बे-वतनी है। यह शेर बड़ी सादगी से याद दिलाता है कि एक मुसाफ़िर को रास्ते के पड़ाव से दिल लगाने के बजाय अपने असली रूहानी वतन की फ़िक्र करनी चाहिए।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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