“Had time itself matched the darkness of your night-hued tresses, the midnight steed of my madness would have galloped further still.”
अगर यह ज़माना तुम्हारी रात जैसी काली ज़ुल्फ़ों के बराबर लंबा और गहरा होता, तो मेरे दीवानेपन का काला घोड़ा और भी तेज़ और आगे दौड़ता।
शायर यहाँ महबूब की रात जैसी घनी, काली ज़ुल्फ़ों की तुलना पूरे ज़माने और वक़्त के फैलाव से कर रहा है। 'शब-दीज़' एक मशहूर काले अरबी घोड़े का नाम है, जिसे यहाँ दिल के गहरे दीवानेपन और जूनून की सवारी बना दिया गया है। शेर का बेहद दिलकश ख़्याल यह है कि अगर यह दुनिया आपकी ज़ुल्फ़ों जितनी असीम और पुरअसर रात बन जाती, तो मेरे इश्क़ का जुनून और भी तेज़ रफ़्तार से दौड़ता और सारी हदें पार कर जाता।
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