“Settle somehow on our union today, O cruel one; / Else, something quite different is resolved in your lover's heart.”
ऐ ज़ालिम, आज किसी भी तरह हमारे मिलन का फैसला कर ले, वरना तेरे आशिक़ (माइल) के दिल में कुछ और ही इरादा तय हो चुका है।
यहाँ आशिक़ अपने बेपरवाह महबूब को बड़े नाज़-ओ-अंदाज़ में एक तरह की आख़िरी चेतावनी दे रहा है कि आज किसी भी तरह मिलने का कोई रास्ता निकाल लो। 'दिल में कुछ और ठहरा है' कहकर वह एक अनकही धमकी दे रहा है, जो जान दे देने या हमेशा के लिए दूर चले जाने के किसी ख़तरनाक इरादे की तरफ़ इशारा करती है। इस शेर में सब्र का पैमाना छलक जाने की बेचैनी और इश्क़ की बेबाक ज़िद बहुत ख़ूबसूरती से झलकती है।
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