“A few slain bodies still lie fallen at your door, while buried deep beneath the earth are four or five before.”
तुम्हारे दरवाज़े पर अब भी दो-चार लाशें पड़ी हुई हैं, और उससे आगे चार-पाँच लाशें पहले ही मिट्टी के नीचे दफ़न हो चुकी हैं।
इस शेर में महबूब के हुस्न और उसकी बेरुख़ी के जानलेवा असर को बड़ी शिद्दत और गहरे तंज़ के साथ बयां किया गया है। आशिक़ कहता है कि तेरी चौखट तो इश्क़ की ऐसी क़ब्रगाह है जहाँ अभी भी कुछ ताज़ा लाशें पड़ी हैं, और कई पुराने दीवाने पहले ही मिट्टी तले दफ़्न हो चुके हैं। यह महबूब की कातिल अदाओं और इश्क़ में फ़ना हो जाने वाले आशिक़ों के अंतहीन सिलसिले की एक दर्दनाक मगर ख़ूबसूरत तस्वीर है।
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