“Did ever such a flight-shy, wild creature fall into your hands? Yet, O hunter-like beloved, it was captured only through the heart's captivity.”
क्या कभी ऐसा कोई बिदकने वाला जंगली जीव तुम्हारे हाथ लगा था? लेकिन ऐ शिकारी की तरह के महबूब, वह सिर्फ़ अपने दिल के क़ैद हो जाने की वजह से तुम्हारे हाथ आया।
शायर यहाँ खुद की तुलना एक ऐसे चौकन्ने और जंगली हिरण से कर रहा है, जो किसी भी शिकारी के जाल से पलक झपकते ही भाग निकलता था। वह महबूब को शिकारी जैसा बताते हुए कहता है कि तुमने मुझे किसी फंदे या ज़ोर-ज़बरदस्ती से क़ैद नहीं किया, बल्कि मेरा दिल खुद-ब-खुद तुम्हारी मोहब्बत में गिरफ्तार हो गया। यह शेर उस ख़ूबसूरत समर्पण को बयां करता है जहाँ आज़ाद और सरकश मिजाज़ भी इश्क़ के आगे खुशी-खुशी हार मान लेता है।
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