“My heart trembles lest the delicate vein of a rose should pierce you, as you lay yourself down to rest upon a bed of flowers.”
मेरा दिल इस डर से धड़कता है कि कहीं फूल की पंखुड़ी की नाज़ुक रग भी आपको चुभ न जाए, क्योंकि आप फूलों की सेज पर सोने की तैयारी कर रहे हैं।
इस शेर में महबूब की बेपनाह नज़ाकत और आशिक़ की असीम फ़िक्र को बहुत ख़ूबसूरती से उभारा गया है। आशिक़ का दिल यह सोचकर ही दहल उठता है कि जब उसका नाज़ुक महबूब फूलों की सेज पर सोने जाएगा, तो कहीं फूल की पंखुड़ी की महीन नस भी उसे काँटे की तरह चुभ न जाए। यह मोहब्बत में महबूब के हुस्न और कोमलता को फूलों से भी बढ़कर मानने का एक हसीन और लाड़ भरा अंदाज़ है।
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