“Lovingly draping your arm around the rival's neck, / You strike me down yourself with the cruel sword of torment.”
आप प्यार से ग़ैर (रक़ीब) के गले में हाथ डालते हैं और सितम की तलवार से ख़ुद ही मेरी गर्दन काट देते हैं।
इस शेर में रक़ीब (ग़ैर) के प्रति महबूब का लाड़-प्यार आशिक़ के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। महबूब जिस नज़ाकत और मोहब्बत से ग़ैर के गले में बांहें डालता है, वही नज़ारा आशिक़ के दिल पर सितम की तलवार बनकर चलता है। यहाँ 'गर्दन मारना' यानी क़त्ल करने के मुहावरे का ख़ूबसूरत इस्तेमाल है—आशिक़ को मारने के लिए किसी हथियार की ज़रूरत नहीं, बस महबूब की यह बेरुख़ी ही उसका काम तमाम करने के लिए काफ़ी है।
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