“Though healing my heart's deep ache is an arduous task, yet should you wish it, O envy of the Messiah, it is effortless.”
यद्यपि मेरे दिल के दर्द का इलाज बहुत कठिन है, लेकिन ऐ मसीहा को भी रश्क में डालने वाले महबूब, अगर तू चाहे तो यह काम बहुत आसान है।
शायर यहाँ अपने दिल के दर्द की गहराई बयां करते हुए कहता है कि मोहब्बत के इस मर्ज़ का इलाज दुनिया के किसी हकीम के बस का नहीं है। मगर अगले ही पल वह अपने महबूब को 'रश्क-ए-मसीहा' कहकर पुकारता है, यानी ऐसा मसीहा जिसकी शफ़ा पर हज़रत ईसा भी नाज़ या रश्क करें। बात बड़ी साफ़ और दिलकश है कि जिस दर्द को मिटाना नामुमकिन लगता है, वह महबूब की बस एक ज़रा सी चाहत या नज़र-ए-इनायत से बेहद आसान हो जाता है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
