गई यक-ब-यक जो हवा पलट नहीं दिल को मेरे क़रार है करूँ उस सितम को मैं क्या बयाँ मिरा ग़म से सीना फ़िगार है

“As the wind has turned all of a sudden, my heart finds no repose; / How shall I recount that cruelty, when grief has torn my breast?”

— बहादुर शाह ज़फ़र
अर्थ

अचानक हालात का रुख बदल जाने से मेरे दिल को कोई चैन नहीं है, और मैं इस ज़ुल्म को कैसे बयान करूँ जबकि दुख के मारे मेरा सीना छलनी हो चुका है।

विस्तार

यहाँ शायर ज़िंदगी या महबूब के रुख़ में आए उस अचानक मोड़ का दर्द बयाँ कर रहे हैं, जिसने सब कुछ एक पल में बदल दिया। 'हवा का पलट जाना' बदले हुए हालात और टूटी हुई उम्मीदों का गहरा प्रतीक है, जिससे दिल की सारी शांति छिन गई है। यह चोट इतनी गहरी और सीना इस कदर ज़ख्मी है कि उस सितम को लफ़्ज़ों में ढाल पाना भी मुमकिन नहीं लगता।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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