यूँ तो हैं सारे बुताँ ग़ारत-गर-ए-ईमाँ-ओ-दीं एक वो काफ़िर सनम नाम-ए-ख़ुदा क्या चीज़ है

“Though all idols are plunderers of both religion and creed, that one infidel beauty—by God's name, what a wonder she is indeed!”

— बहादुर शाह ज़फ़र
अर्थ

वैसे तो सभी महबूब ईमान और धर्म को लूटने वाले होते हैं, लेकिन ख़ुदा की क़सम, वह एक काफ़िर महबूब क्या ही कमाल की चीज़ है।

विस्तार

उर्दू शायरी में महबूब को अक्सर 'सनम' या 'बुत' कहा जाता है, जिसकी अदाएं आशिक़ के ईमान और दीन को डगमगा देती हैं। शायर मुस्कुराते हुए कहता है कि वैसे तो हुस्न के सारे ही बुत ईमान लूटने में माहिर होते हैं, मगर उस एक काफ़िर सनम का तो कहना ही क्या! यहाँ सबसे ख़ूबसूरत बात यह विरोधाभास है कि उस 'काफ़िर' के बेमिसाल हुस्न की तारीफ़ करने के लिए भी शायर की ज़ुबान से बेसाख़्ता 'नाम-ए-ख़ुदा' निकल पड़ता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.