एक बार क्या, कई बार जलाया है मुझे,आग है हर फूल की काया, मुझे मालूम है।
“Once? No, many times have I been seared, I know that fire is the body of every flower.”
— अमृत घायल
अर्थ
मुझे एक बार नहीं, बल्कि कई बार जलाया गया है। मैं जानता हूँ कि हर फूल का शरीर आग है।
विस्तार
यह शेर एक गहरे अनुभव की बात करता है। शायर यहाँ सिर्फ अपने दर्द का ज़िक्र नहीं कर रहे हैं, बल्कि एक सार्वभौमिक सच्चाई बता रहे हैं। वो कहते हैं कि जीवन में, सुंदरता में, मोहब्बत में... हर चीज़ में एक आग छिपी होती है। यह एक थकी हुई, मगर समझदार नज़र है जो बताती है कि दर्द किसी बाहरी चीज़ से नहीं आता, बल्कि हर खूबसूरत चीज़ का हिस्सा होता है।
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