कहते हैं, तभी से अस्तित्व में आए हैं काँटे,जब आपस में फूलों पर उड़ते थे कलह के छींटे।
“They say, since then, thorns came to exist,When drops of discord flew amongst the flowers.”
— अमृत घायल
अर्थ
यह कहा जाता है कि काँटों का अस्तित्व तब से आया, जब फूलों के बीच आपसी मतभेद और विवाद के छींटे उड़ने लगे थे।
विस्तार
यह शेर बहुत गहरी बात कहता है.... शायर कह रहे हैं कि काँटे, यानी गहरे झगड़े और दर्द, तभी से आए हैं.... जब हमारे झगड़े बस फूलों पर उड़ते छोटे-मोटे छींटे थे। यह एक तंज़ है.... कि कैसे छोटी-छोटी बातों का झगड़ा, समय के साथ इतना बड़ा और काँटेदार होता जाता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
