पूनम समझकर मैं जिनके पास गया था,वो तो उदासी थी उजियारी के वेश में!

“I went to them, deeming it a full moon night,But found sorrow disguised as celebration's light!”

— अमृत घायल
अर्थ

मैं उनके पास पूर्णिमा की रात समझकर गया था, परंतु वह तो उत्सव के प्रकाश के वेश में छिपी उदासी थी।

विस्तार

यह शेर एक बहुत गहरे एहसास को बयान करता है, जी। शायर कहते हैं कि मैं किसी को चाँदनी मानकर गया था, यानी मैंने उसमें पूरी खुशी और उजाला देखा था। लेकिन असलियत यह निकली कि वह उजाला तो सिर्फ़ उदासी का मुखौटा था। यह बात बताती है कि कभी-कभी जो चीज़ें सबसे ज़्यादा चमकती हैं, उनके पीछे सबसे गहरा दर्द छिपा होता है। एक बहुत ही मार्मिक एहसास है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.