वो रंग जिन्हें जान की तरह संजोया था।वो रंग एक रात के मेहमान निकले।

“Those colours which I had cherished like life itself,Those colours turned out to be guests for just one night.”

— अमृत घायल
अर्थ

उन रंगों को जिन्हें मैंने अपने प्राणों के समान सँजोकर रखा था, वे रंग केवल एक रात के मेहमान निकले।

विस्तार

यह शेर उस दर्द को बयां करता है जब कोई चीज़ जो आपने अपनी जान से ज़्यादा संजोकर रखी थी, अचानक बहुत छोटी निकलती है। शायर साहब कहते हैं कि आपने उस रंग को अपनी ज़िंदगी की तरह सींचा, अपनी पूरी मुहब्बत से सजाया.... मगर वो तो बस एक रात के मेहमान निकले। यह एहसास बहुत गहरा है, कि सब कुछ कितना अस्थाई है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.