तेरा खुदा कि बूँदें भी मोती बन निकलीं, मेरे करम के आँसू तूफ़ान बन निकले!
“Your God, or perhaps fate, made every drop a pearl, My karma, or my tears, turned out to be a storm!”
— अमृत घायल
अर्थ
आपके भाग्य ने मामूली बूंदों को मोती बना दिया, जबकि मेरे कर्म के आँसू एक विनाशकारी तूफ़ान बन गए।
विस्तार
यह शेर इश्क़ और दर्द के विरोधाभास को बयान करता है। अम्रुत घायल कहते हैं कि महबूब के आँसू तो मोती जैसे अनमोल हैं, लेकिन मेरे करम के आँसू... वो तो एक तूफ़ान बन निकले! यह दर्द की उस अतिशयता को दिखाता है, जहाँ ग़म इतना गहरा हो जाता है कि वो एक प्राकृतिक आपदा बन जाता है।
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