मनमेल के हेतु तो ऐसे किए थे करार,किंतु करार क्लेश के मैदान निकले।
“For harmony of hearts, agreements were indeed made,But those agreements turned out to be fields of strife.”
— अमृत घायल
अर्थ
मन में मेल-मिलाप के लिए समझौते किए गए थे, परन्तु वही समझौते कलह के मैदान साबित हुए।
विस्तार
यह शेर इंसान के वादों और टूटे वादों के दर्द को बयां करता है। हम मन की शांति और मेल-मिलाप के लिए जो भी करार करते हैं, वो अक्सर हमें सुकून नहीं देते। शायर कहते हैं कि वो वादे... वो समझौते... अंत में तो क्लेश के मैदान में ही खत्म होते हैं। ये एक गहरा दर्द है!
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