दरिया मानकर सताया है मुझे
चांदनी ने बहुत जलाया है मुझे
“Mistaking me for a sea, I've been tormented, The moonlight has greatly scorched me.”
— अमृत घायल
अर्थ
मुझे समुद्र मानकर सताया गया है। चाँदनी ने मुझे बहुत जलाया है।
विस्तार
यह शेर ग़लतफ़हमी के दर्द को बयां करता है। शायर कहते हैं कि उन्हें किसी बड़े, भटकाव भरे एहसास ने सताया है। और फिर, वो चाँदनी का ज़िक्र करते हैं—जो रोशनी का प्रतीक है, वो भी जला गई। अम्रुत घायल हमें समझा रहे हैं कि कभी-कभी, जो चीज़ें हमें सबसे ज़्यादा खूबसूरत लगती हैं, वो ही हमारे लिए सबसे बड़ी तकलीफ बन जाती हैं।
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