रात-दिन लगातार करवाई उठ-बैठ
बेकरारी ने थका दिया है मुझे
“Day and night, it made me sit and rise continuously Restlessness has wearied me”
— अमृत घायल
अर्थ
रात-दिन लगातार उठक-बैठक करवाई गई है। बेचैनी ने मुझे थका दिया है।
विस्तार
यह शेर उस थकान को बयान करता है जो लगातार बेचैनी से होती है। शायर, अमृत घायल, कहते हैं कि जीवन में एक तरह की निरंतर भाग-दौड़ है—उठना और बैठना, जो कभी रुकती नहीं। यह बेकरारी सिर्फ़ शारीरिक नहीं है, बल्कि आत्मा की वह थकावट है जो किसी चीज़ के इंतज़ार में लगातार बेचैन रहती है, और दिल को पूरी तरह से ख़त्म कर देती है।
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