आँख से आँख मिली, बैठी किसी बात के बिना,कुछ शुरू यूँ हुआ, बात शुरू बिना ही शुरुआत के।
“Eye met eye, and sat, without a single word,Something thus began, a tale without a start.”
— अमृत घायल
अर्थ
आँखों से आँखें मिलीं और बिना किसी बात के एक ख़ामोश रिश्ता क़ायम हो गया। इस तरह कुछ शुरू हुआ, जैसे कोई कहानी या संबंध, बिना किसी औपचारिक शुरुआत के।
विस्तार
यह शेर उन पलों की बात करता है, जो बिना किसी तैयारी के आ जाते हैं। शायर कह रहे हैं कि कभी-कभी सिर्फ़ आँख का मिलना... या एक नज़र का पड़ना ही किसी बड़ी बात का आगाज़ कर देता है। कोई वजह नहीं, कोई शुरुआत नहीं... बस एक पल जो दिल को छू जाता है।
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