लाग में हैं लगाओ की बातें सुल्ह में छेड़ है लड़ाई की

“In feigned hostility dwell words of fond affection, / And in each truce lies the tease of a quarrel.”

— अल्ताफ़ हुसैन हाली
अर्थ

दिखावे की दुश्मनी या अनबन में भी प्यार भरी बातें छिपी होती हैं, और सुलह के भीतर भी दोबारा झगड़ा छेड़ने की शरारत मौजूद रहती है।

विस्तार

यह शेर इश्क़ की उस प्यारी सी नोक-झोंक को बयान करता है जहाँ ज़ाहिरी गुस्सा असल में गहरा प्यार छुपाए होता है। जब महबूब बेरुख़ी या तकरार दिखाता है, तो उसकी बातों में अपनापन और मोहब्बत ही झलकती है। वहीं जब सुलह हो जाती है, तो उसमें भी दोबारा शरारत से छेड़ने और लड़ने का बहाना ढूँढा जाता है—क्योंकि बिना इस मीठी तकरार के मोहब्बत का मज़ा ही अधूरा है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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