मिलेगा न गुलचीं को गुल का पता
हर इक पंखुड़ी यूँ बिखर जाएगी
“No trace of the rose shall the flower-gatherer find; so completely will every petal scatter.”
— अल्ताफ़ हुसैन हाली
अर्थ
फूल चुनने वाले को फूल का कोई निशान नहीं मिलेगा, क्योंकि उसकी हर एक पंखुड़ी इस तरह बिखर जाएगी।
विस्तार
इस शेर में आज़ादी और स्वाभिमान की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर खींची गई है। फूल यह गवारा नहीं करता कि कोई गुलचीं उसे तोड़कर अपनी मुट्ठी में कैद कर ले, इसलिए वह अपनी पंखुड़ियों को इस कदर बिखेर देता है कि उसका कोई नाम-ओ-निशान ही न बचे। यह मिट जाने की वह शान है, जो किसी के आगे झुकने या बंदिश में रहने से कहीं ज्यादा गरिमापूर्ण है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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