चोर है दिल में कुछ न कुछ यारो नींद फिर रात भर न आई आज

“There lurks some secret thief within the heart, my friends, it seems; tonight again, the whole night passed untouched by sleep or dreams.”

— अल्ताफ़ हुसैन हाली
अर्थ

हे दोस्तों, दिल में ज़रूर कोई न कोई खोट या छिपा हुआ डर है, क्योंकि आज फिर मुझे रात भर नींद नहीं आई।

विस्तार

शायर यहाँ अपने दोस्तों से बड़ी बेबाकी से दिल का हाल बयान कर रहा है कि सीने में कोई छुपा हुआ राज़, अनकहा डर या दबी हुई ख़्वाहिश है जो चैन नहीं लेने दे रही। 'दिल में चोर होना' के मुहावरे का खूबसूरत इस्तेमाल करते हुए वह बताते हैं कि जब अंदरूनी बेचैनी पीछा करती है, तो रात भर नींद आँखों से कोसों दूर रहती है। यह शेर उस ख़ामोश कशमकश को छूता है जहाँ इंसान दुनिया से तो सब छुपा लेता है, मगर अपने ही दिल से भाग नहीं पाता।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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