रंज क्या क्या हैं एक जान के साथ ज़िंदगी मौत है हयात नहीं

“What myriad griefs attend a single soul; this life is merely death, not life at all.”

— अल्ताफ़ हुसैन हाली
अर्थ

एक अकेली जान के साथ कितने तरह-तरह के दुख जुड़े हुए हैं; यह ज़िंदगी असल में मौत के समान है, सच्चा जीवन नहीं।

विस्तार

शायर यहाँ एक अकेली, नाज़ुक जान पर टूटने वाले बेशुमार दुखों का दर्द बयां कर रहे हैं। वे 'ज़िंदगी' और 'हयात' के बीच एक गहरा फ़र्क़ दिखाते हैं—साँसें तो चल रही हैं, मगर लगातार ग़मों के बोझ तले यह वजूद दरअसल रोज़-रोज़ मरने जैसा है, कोई सच्चा जीवन नहीं। यह शेर दिल की उस गहरी उदासी और थकान को छूता है जहाँ इंसान जीते जी खुद को मुर्दा महसूस करने लगता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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