मुझ को तुम से ए'तिमाद-ए-वफ़ा तुम को मुझ से पर इल्तिफ़ात नहीं

“I place complete faith in your fidelity, yet you grant not the slightest regard to me.”

— अल्ताफ़ हुसैन हाली
अर्थ

मुझे तुम्हारी वफ़ा पर पूरा भरोसा है, लेकिन तुम्हें मेरी तरफ बिल्कुल भी ध्यान या लगाव नहीं है।

विस्तार

यह शेर एकतरफ़ा मोहब्बत की एक बहुत ही मार्मिक और गहरी तस्वीर खींचता है। आशिक़ को महबूब की वफ़ा पर ज़रा भी शक नहीं, उस पर पूरा यक़ीन है; मगर विडंबना यह है कि महबूब उसकी तरफ़ नज़र उठाकर देखने को भी तैयार नहीं है। यहाँ कोई कड़वाहट या तीखा शिकवा नहीं, बल्कि एक ख़ामोश दर्द है जो पूरे समर्पण और मुकम्मल बेरुख़ी के फ़ासले से पैदा होता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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