“To keep the secret veiled within the realm of being, one thing had to be made the cause of another.”
अस्तित्व के संसार का उद्देश्य रहस्य को छिपाए रखना था, इसलिए उसे एक वस्तु को दूसरी वस्तु का कारण बनाना पड़ा।
यह शेर कायनात के उस गहरे फलसफे को बड़ी सादगी से समझाता है कि दुनिया में हर बात की कोई न कोई वजह क्यों दिखाई देती है। शायर कहते हैं कि वजूद का असल राज़ इतना बड़ा था कि उसे इंसानी नज़रों से छुपाना ज़रूरी था, इसलिए सबब यानी कार्य-कारण की यह ज़ंजीर बना दी गई। हम दुनियावी वजहों में ही उलझे रह जाते हैं और उस असली हक़ीक़त तक नहीं पहुँच पाते जो पर्दे के पीछे छुपी है।
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