दर्द तो मौजूद है दिल में दवा हो या न हो बंदगी हालत से ज़ाहिर है ख़ुदा हो या न हो

“The pain is ever-present in the heart, be there a cure or none; devotion is plain from my very plight, be there a God or none.”

— अकबर इलाहाबादी
अर्थ

दिल में दर्द तो मौजूद है चाहे उसकी कोई दवा हो या न हो, और मेरी हालत से बंदगी साफ़ ज़ाहिर है चाहे ख़ुदा मौजूद हो या न हो।

विस्तार

यह शेर सच्चे प्रेम और समर्पण की उस गहराई को छूता है जहाँ कोई शर्त या उम्मीद नहीं होती। शायर कहते हैं कि दिल का दर्द अपने आप में सच्चा है, चाहे उसका इलाज मिले या न मिले; ठीक वैसे ही, उनकी बेबसी और तड़प ही अपने आप में इबादत बन चुकी है, चाहे ऊपर वाला मौजूद हो या न हो। यहाँ ज़ोर किसी फल या जवाब पर नहीं, बल्कि अपनी भावना की सच्चाई और निष्ठा पर है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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