इस बुत के दर पे ग़ैर से 'अकबर' ने कह दिया ज़र ही मैं देने लाया हूँ जान आप दीजिए

“At this idol's doorstep, Akbar told his rival then: 'I have only brought gold to offer, you may give your life instead.'”

— अकबर इलाहाबादी
अर्थ

'अकबर' ने माशूक़ की चौखट पर रक़ीब से कह दिया कि मैं तो सिर्फ़ धन-दौलत देने आया हूँ, जान आप ही दे दीजिए।

विस्तार

अकबर इलाहाबादी का यह शेर उनके ख़ास तंज़ और हास्य का बेहतरीन नमूना है। महबूब की चौखट पर जब रक़ीब यानी प्रतिद्वंद्वी से सामना होता है, तो शायर बड़ी चतुराई से कहता है कि मैं तो सिर्फ़ दौलत लुटाने आया हूँ, जान न्योछावर करने का भारी काम आप ही कर लीजिए। यहाँ इश्क़ में मर-मिटने की पुरानी रिवायत पर एक मीठी चुटकी ली गई है, जहाँ शायर व्यावहारिकता का दामन थामे मुस्कुरा रहा है।

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