अक़्ल महँगी है बहुत इश्क़ ख़िलाफ़-ए-तहज़ीब दिल को इस अहद में हम काम में ला ही न सके

“Reason costs far too dear, and love offends decorum; in this era, we could never put the heart to use.”

— अकबर इलाहाबादी
अर्थ

अक़्ल बहुत महँगी है और इश्क़ तहज़ीब के ख़िलाफ़ माना जाता है, इसलिए इस ज़माने में हम दिल का कोई इस्तेमाल ही नहीं कर सके।

विस्तार

यह शेर आज के दौर की उस लाचारी को बयां करता है जहाँ इंसान का दिल बेबस होकर रह गया है। दुनियादारी और दिमाग चलाने की कीमत बहुत भारी है, और अगर दिल की सुनकर इश्क़ करें तो ज़माना उसे तहज़ीब के ख़िलाफ़ मान लेता है। इसी कश्मकश में दिल बिल्कुल बेकार और अनछुआ रह गया, मानो इस चालाक दौर में सच्ची भावनाओं के लिए कोई जगह ही न बची हो।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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