ख़ंदा-ए-यार से तरफ़ हो कर
बर्क़ ने अपनी जग-हँसाई की
“From the laughter of the beloved, having turned away, The lightning has mocked its own existence.”
— میر تقی میر
معنی
خندے-ئے یار کی طرف ہو کر، بجلی نے اپنی جگ ہنسائی کی
تشریح
यह शेर महबूब के नज़ारे की वो ताक़त बयाँ करता है, जो न सिर्फ़ दिल को, बल्कि प्रकृति के सबसे ज़ोरदार तमाशे को भी बेक़रार कर देती है। महबूब की मुस्कान के आगे, बर्क़ को भी अपनी जग-हँसाई रोकनी पड़ती है।
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