लहू आँखों से बहते वक़्त रख लेता हूँ हाथों को
जराहत हैं अगर वे दोनों तो मरहम हैं ये दोनों
“When blood flows from the eyes, I hold my hands, for if they bear wounds, these two are the balm.”
— میر تقی میر
معنی
جب آنکھوں سے خون بہتا ہے، تو میں اپنے ہاتھوں کو روک لیتا ہوں؛ اگر ان میں زخم ہیں، تو یہ دونوں ہی مرہم ہیں۔
تشریح
यह शेर दर्द और दवा के बीच के अजीब रिश्ते को बयान करता है। शायर कहते हैं कि जो चीज़ें हमें तकलीफ देती हैं—जैसे आँसू या ज़ख्म—वो तकलीफें ही असल में हमारे लिए मरहम हैं। दर्द का अपना एक सुकून होता है।
