सब खुला बाग़-ए-जहाँ इल्ला ये हैरान-ओ-ख़फ़ा
जिस को दिल समझे थे हम सो ग़ुंचा था तस्वीर का
“The whole garden of the world is open, save for this perplexed and distressed one, Whose beloved we thought to be a full bloom, was merely a picture's bud.”
— میر تقی میر
معنی
سارا باغِ جہاں کھلا ہے، بس یہ حیران اور خفا دل، جسے ہم نے دل سمجھا تھا، وہ تو بس تصویر کا ایک گچھا تھا۔
تشریح
ये शेर दिल के टूटने और तजुर्बे के एहसास को बयां करता है। शायर कहते हैं कि दुनिया भले ही खुली हो, लेकिन जो हमारी ज़िंदगी का केंद्र था, वो तो बस किसी पेंटिंग का छोटा सा हिस्सा था।
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