किस रात नज़र की है सू-ए-चश्मक-ए-अंजुम
आँखों के तले अपने तो वो माह-जबीं था
“On which night did your gaze turn towards the eye of the stars? For beneath these eyes, you were the glorious moon.”
— میر تقی میر
معنی
کس رات نظر کی ہے سوئے چشمکے انجم؟ آنکھوں کے تلے اپنے تو وہ ماہجبین تھا۔
تشریح
यह शेर महबूब की आँखों के गहरे जादू का इज़हार है। शायर पूछते हैं कि आपने तारों के समंदर में कब देखा? मगर जवाब यह है कि आपकी अपनी आँखों में तो वो चाँदनी की नज़ाकत बसी हुई थी।
