तू पास नहीं हुआ तो रोते
रह रह गई है पहर पहर रात
“If you do not come near, I weep, Through every passing hour of night.”
— میر تقی میر
معنی
اگر آپ قریب نہیں ہوئے تو میں ہر گزرتے لمحے میں روتی رہ گئی ہوں۔
تشریح
यह शेर विरह की उस गहरी पीड़ा को बयान करता है, जब महबूब की यादें हर पल आंसू बनकर बहती हैं। रातें गुजरती तो हैं, मगर ये गुजरना भी एक दर्दनाक सिलसिला है। यह वियोग का दर्द है जो हर पहर में महसूस होता है।
