अज्ज़ा बदन के जितने थे पानी हो बह गए
आख़िर गुदाज़ 'इश्क़ ने हम को बहा दिया
“All the water that was in the face, has flowed away; finally, the current of love has washed me away.”
— میر تقی میر
معنی
اجزا بدن کے جتنے تھے پانی ہو بہ گئے، آخر گدازٔ عشق نے ہم کو بہا دیا।
تشریح
यह शेर इश्क़ के नशीले और विनाशकारी असर को बयां करता है। शायर कहते हैं कि जिस्म का सारा पानी बह गया है, और इसका कारण महज़ इश्क़ का सैलाब है। यह वफ़ा और जुनून का बेहतरीन तसव्वुर है।
