न मूए हम असीरी में तो नसीम
कोई दिन और बाव खाइएगा
“If we do not die in captivity, O Naseem, Then someday you will surely perish also.”
— میر تقی میر
معنی
اگر ہم قید میں مرے نہیں، اے ناصیم، تو کسی دن تم بھی ضرور مرو گے۔
تشریح
यह शेर आज़ादी और असुरक्षा के बीच के फ़र्क़ को बयान करता है। शायर कहते हैं कि वक़्त की क़ैद से निकल जाना भी हमें सुरक्षित नहीं करता; हवा भी एक दिन हमें निगल जाएगी। यह वज़ह कि इंसान का होना ही एक ख़तरनाक नज़ारा है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
