उन ने पहचान कर हमें मारा
मुँह न करना इधर तजाहुल था
“They killed us after recognizing us; / Never should we have left this dwelling.”
— میر تقی میر
معنی
اُنہوں نے پہچان کر ہمیں مارا؛ منہ نہ کرنا ادھر تجہول تھا۔
تشریح
यह शेर अपनों से मिले धोखे का दर्द बयान करता है। शायर कहते हैं कि पहचान के बाद वार होना और भी ज़ख़्मी करता है। यह एक ख़ौफ़नाक एहसास है कि मुलाक़ात ही एक बड़ी तजाहुल (गलती) थी।
