सूराख़ है सीने में हर इक शख़्स के तुझ से
किस दिल के तरह तीर-ए-निगह पार न पाया
“In every heart, there is a wound for you, What heart could withstand the arrow of your gaze?”
— میر تقی میر
معنی
ہر اک شخص کے سینے میں تجھ سے ایک سوراخ ہے؛ کس دل کے لیے نظر کا تیر پار نہ پایا۔
تشریح
ये शेर महबूब के नज़रे के असर को बयां करता है। शायर कहते हैं कि हर शख़्स के सीने में एक ज़ख़्म है... जो तेरी एक नज़र से लगा है। कौन दिल है जो इस तीर-ए-निगह को सह पाए?
