इस फ़न में कोई बे-तह क्या हो मिरा मुआरिज़
अव्वल तो मैं सनद हूँ फिर ये मिरी ज़बाँ है
“In this art, no one can match my mastery; my lineage is a charter, and this is my tongue.”
— میر تقی میر
معنی
اس فن میں کوئی بے تہ کیا ہو میرا معارض اول تو میں سند ہوں پھر یہ میری زبان ہے
تشریح
यह शेर शायर के ज़बरदस्त आत्मविश्वास को बयान करता है। वह अपनी कला की गहराई और अपनी ज़ुबान की वज़नदारी का दावा कर रहे हैं। यह सिर्फ़ एक नज़्म नहीं, बल्कि एक तौहफ़ा-ए-अधिकार है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
