हर इक से कहा नींद में पर कोई न समझा
शायद कि मिरे हाल का क़िस्सा अरबी है
“I told every one in my sleep, but no one understood; perhaps the story of my condition is Arabian.”
— میر تقی میر
معنی
میں نے یہ بات ہر ایک کو نیند میں کہی، مگر کوئی نہ سمجھا؛ شاید میرے حال کا قصہ عربی ہے۔
تشریح
यह शेर गहरे अकेलेपन का इज़हार है। शायर कहते हैं कि चाहे वो अपनी हर बात नींद में कह दें, फिर भी कोई उनके हाल को समझ नहीं पाया। उनका दर्द इतना अनोखा है कि शायद यह किसी अरबी कहानी जैसा है।
