ख़ून हर यक रक़म शौक़ से टपके था वले
वो न समझा कि मिरे नामे का क्या मज़मूँ है
“Every drop of blood was shed with passion, O beloved, He did not understand what meaning lay in my name.”
— میر تقی میر
معنی
ہر ایک قطرہ خون شوق سے ٹپکا تھا، اے ولی؛ وہ نہ سمجھا کہ میرے نام میں کیا مضمون ہے۔
تشریح
यह शेर उस वज़्ह-ए-हुस्न की बात करता है जिसे लोग समझ नहीं पाए। शायर कहते हैं कि हर क़तरा लहू सिर्फ़ इश्क़ की वजह से बहा था, मगर किसी को ये नहीं पता चला कि मेरे नाम का क्या वज़न और क्या मक़ाम है।
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