क़ाबिल-ए-आग़ोश सितम दीदगाँ
अश्क सा पाकीज़ा गुहर चाहिए
“A vision worthy of embrace, the eyes that bestow torment, Deserve a pure jewel, like a drop of tears.”
— میر تقی میر
معنی
آغوش میں لینے کے لائق، وہ نظر جو ستم دیتی ہے، آنسو کے مانند پاکیزہ جواہر کی مستحق ہے۔
تشریح
ये शेर उस दर्द की गहराई को बयान करता है। शायर कहते हैं कि जो आँखें ज़माने के सितम देख चुकी हैं, उन्हें सिर्फ़ आँसू सा पाकीज़ा कोई गहना चाहिए। यह आंसू ही सबसे शुद्ध और अनमोल मोती हैं।
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