तिरे फ़िराक़ में जैसे ख़याल मुफ़्लिस का
गई है फ़िक्र-ए-परेशाँ कहाँ कहाँ मेरी
“In this separation, as if the thought of a pauper, where has my restless mind wandered?”
— میر تقی میر
معنی
تیری فراق میں جیسے ایک مفلس کا خیال ہے، میری پریشان فکر کہاں کہاں میری گئی ہے۔
تشریح
ये शेर जुदाई के दर्द को बयान करता है। शायर कहते हैं कि आपके बिछड़ने से मेरा ख़्याल भी एक मुफ़्लिस की तरह है, जिसमें कोई सुकून नहीं बचा। उन्हें यह भी नहीं पता कि उनकी बेचैन फ़िक्रें कहाँ ग़ायब हो गईं।
