आई परी सी पर्दा-ए-मीना से जाम तक
आँखों में तेरी दुख़्तर-ए-रज़ क्या हया न थी
“Like a curtain of Mina, from the cup to the mouth, What was the modesty in your eyes, O lover of sorrow?”
— میر تقی میر
معنی
پری کی طرح، پردہِ مینا سے جام تک، تیری آنکھوں میں غم کا عاشق کیا حیا نہ تھی؟
تشریح
मीर तक़ी मीर ने यहाँ महबूबा की आँखों की गहराई को एक पर्दे से तुलना की है। शायर कहते हैं कि आपकी आँखों में कोई हिजाब या शर्म नहीं है, बल्कि एक ऐसा खुला रहस्य है जो दिल को बेकाबू कर देता है।
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