सद ख़ानुमाँ-ख़राब हैं हर हर क़दम पे दफ़न
कुश्ता हूँ यार मैं तो तिरे घर की राह का
“In every step, the grave seems to lie in wait, I am a corpse, but I walk the path to your gate.”
— میر تقی میر
معنی
ہر قدم پر قبر دُفِن ہے، میں تو تیرے گھر جانے والے راستے کا قُزتا ہوں۔
تشریح
शायर कह रहे हैं कि महबूब की गली हर कदम पर मुश्किलों का दफ़नगाह है। फिर भी, आशिक़ कहते हैं कि मैं तो इसी राह का क़ैदी हूँ। मेरा वजूद इसी इश्क़ की मुक़द्दरियत से बंधा हुआ है।
