दिन-रात मिरी छाती जलती है मोहब्बत में
क्या और न थी जागा ये आग जो याँ दाबी
“My chest burns day and night with love, What else was there, this fire that awoke here, suppressed?”
— میر تقی میر
معنی
دن رات میری چھاتی محبت میں جلتی ہے؛ اور کیا تھا، یہ آگ جو یہاں دبی تھی۔
تشریح
यह शेर इश्क़ की उस रूहानी आग को बयाँ करता है जो दिल में हमेशा जलती रहती है। शायर कहते हैं कि यह जलन कोई नई बात नहीं है.... यह तो वो आग है जो सदियों से दाबी थी, बस अब जाग उठी है!
