बहस काहे को लाल-ओ-मर्जां से
उस के लब ही जवाब हैं दोनों
“Why argue with rubies and emeralds, when his lips are the answer to both.”
— میر تقی میر
معنی
बहस काहे को लाल-ओ-मर्जन से, اُس کے لب ہی جواب ہیں دونوں۔
تشریح
शायर कहते हैं कि लाल और पन्ने की बहस करना बेकार है। क्योंकि तमाम तर्कों और सवालों का जवाब तो महबूब के लबों में ही छिपा है। इश्क़ की बात हर चीज़ से ऊपर है।
