ख़िज़्र उस ख़त्त-ए-सब्ज़ पर तो मुआ
धुन है अब अपने ज़हर खाने की
“Khizr, upon that green scroll, is now so keen The tune of consuming one's own poison, unseen.”
— میر تقی میر
معنی
خضر، اُس خطے سبز پر تو مُعّا ہے، اب اپنے زہر کھانے کی دھن۔
تشریح
ये शेर बाहरी मोह से ज़्यादा अंदरूनी जंग की बात करता है। शायर कहते हैं कि चाहे कोई भी राह कितनी भी हरी क्यों न लगे, हमारा दिल अब सिर्फ अपने ज़हर को पीने की धुन में मगन है।
