ख़त के फटने का तुम से क्या शिकवा
अपने तालेअ' का ये लिखा साहब
“What complaint do you have with the tearing of the letter,”
— میر تقی میر
معنی
خط کے پھٹنے کا تم سے کیا شکوہ، یہ تو اپنے تالےع کا ہے لکھا صاحب۔
تشریح
यह शेर तक़दीर के सामने इंसान की शिकायत की बेबसी बयां करता है। शायर कहते हैं कि मामूली नुक़सान पर शिकायत करने से क्या फ़ायदा, क्योंकि जो कुछ भी होता है, वह तो बस क़िस्मत के लिखे अनुसार होता है।
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