जुनूँ में ख़ुश्क हो रग-हा-ए-गर्दन
गरेबाँ की सी तारें हो गई हैं
“In my madness, the veins of my neck have dried up, Like the wires of a deserted place, they have become so.”
— میر تقی میر
معنی
جُنون میں خشک ہو رگہاۓ گردن، گریباں کی سی تاریں ہو گئی ہیں۔
تشریح
यह शेर इश्क़ के गहरे असर को बयान करता है। शायर कहते हैं कि जुनून ने रूह को इतना सूखा दिया है कि वजूद किसी बेसहारा, नाज़ुक चीज़ की तरह हो गया है। यह प्रेम की ख़ूबसूरत, मगर कमज़ोर करने वाली ताक़त का इज़हार है।
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